LOVE: the goal of life

राधे राधे और दंडवत प्रणाम ! मेरे प्यारे रसिक भक्तों, आप सभी राधा कृष्ण प्रेमियों को "मधुरम्" में सुस्वागतम !!

 

श्री कृष्ण-भजन साधन-क्रम
श्री राधाकुंडाश्रयी श्री श्रीमद कुंजबिहारी दास बाबाजी महाराज द्वारा संकलित श्रीमद भागवतम, भक्तिरसामृतसिंधु एवं माधुर्य कादंबिनी पर आधारित श्री कृष्ण-भजन के परिपक्व भाव अथवा स्थायी भाव पाने के लिए साधन-क्रम!
मीठी प्रार्थनाओं की लहरों पे
अगर हमें भी श्रील प्रबोधानंद सरस्वती पाद की तरह स्फुरण होता, तो फिर कितना आनंद होता ! क्यों न हम कुछ ऐसा प्रयत्न करें जिस से हमें भी उनकी तरह स्फुरण प्राप्त हो? इसकी पहली कड़ी है कि हम बहुत ही आर्ति और उत्कन्ठा के साथ युगल सरकार से प्रार्थना करें । और ये प्रार्थनाएँ कैसी हों ? जानने के लिये तैरिये : मीठी प्रार्थनाओं की लहरों पे !
श्री श्री गौर-गोविन्द स्मरण मंजरी
प्राणप्रिय श्री गौरसुन्दर के पार्षदों ने अष्टकालिय लीलाओं को बड़े ही सुललित गीतों के माध्यम से पेश किया है । ये गीत  इन लीलाओं को याद रखने के लिये एक आसान तरीका है । अगर आम भक्त इन्हें भजन का ज़रिया न भी बनाना चाहें, इनमें सिर्फ डूब जाना ही अपने आप में एक भजन है |

(अब सम्पूर्ण काव्यानुवाद एक ही फाइल मे !)
चंडीदास
एक ऐसे कवि, आशिक और वैष्णव जिन्होंने इंसान से प्रेम किया और इंसानियत को मज़हब माना | श्याम-रस में सराबोर रहे और अपने प्यार को भी गले से लिपट रखा | एक ऐसे भक्त जिन्होंने गौरांग को भी रंग दिया | प्रभु चंडीदास के इश्क के पैमानों में डूब गए | गंभीरा  गभीर हो गया | बंगोपसागर में प्रेम-जमुना की उत्ताल लहरें  उठीं | इक झांकी इस महान वैष्णव की  भजन-दुनिया में |

सुनिये चंडीदास|
पुरुषोत्तम मास में एकादशी की व्रत-कथा
पुरुषोत्तम महीना विशेष है, तो इस महिने की एकादशी की भी विशेष महत्त्व है| भगवान स्वयं अपने श्रीमुख से इनकी महिमा तथा नियमों का कीर्तन करते हैं| सुनते हैं श्री कृष्ण क्या कहते हैं :
भाग-१ (पद्मिनी)
भाग-२ (परमा)
Raganuga Meditation (Gutika)
The sequence of raganuga-meditations based on Gutika and the compositions of Gouranga-associates !
Varieties of Kirtans on Gour-Nitai & Radha-Krishna for loving devotees!
दैनंदिन कीर्तन (Daily Kirtans)
Srila Narottam das Thakur Mahashay has declared raag-bhajan as 'lok-ved-saar' - that is - the essence of all Vedic processes. He has said -
"raager bhajan path, kohi ebe abhimot,
lok-bed-saar ei baani.
sakhir anuga hoiya, broje siddha deho paiya,
shei  bhabe jurabe porani."
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Sri Radha Rasa Sudhanidhi Sep, 2009
30 Sep 2009
1 Oct 2009
Rabindra-geetinatya-bhanusingher-padabali
Bhanusingher Padabali is one of the earliest works of our beloved poet Kabiguru Rabindranath Thakur. Srimati Radharani - the eternal Beloved -the ideal sweetheart - who fascinated the poet, not just in his early youth, but also in the mature years. The Philosophy of True Love took root in the poet's heart when he studied the saint poets Joydeb and Vidyapati. The versatile poet not only composed the extraordinary vivid lyrics, but also the soulful music, as well as the dance. Read more>

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